मंजिल

वो सफर में था और मैं इंतजार में
दोनों ही जुझते रहे अड़चनों से।
https://ae-pal.com/
सवाल था मिले आखिर कैसे मंजिल
वो था यथार्थ में और मैं ख़्याल में।
अपर्णा शर्मा
Aug.4th,2026

Leave a comment

Blog at WordPress.com.

Up ↑