प्रेम सदा अधूरा



एक क्षण में पनपा, वो प्यारा एहसास.
जीवन भर रहता जिसका मन में वास।

प्रेम सागर में दो जन,होते जैसे एक जान.
चिर प्रेम,हृदय तल में,स्थिर हो,पाता मान।

अनवरत राही,से चलते रहते,प्रेमी प्रेम डगर.
चाह यहीं, साथ में पूर्ण हो,जीवन का सफर।

https://ae-pal.com/

प्रेम प्रसंग,लघु कहानियों का,बनता प्रेमागार
दो जने जुड़ कर,प्रेम को देते,मनोरम आकार।

प्रेम धारा में,निरंतर बहते जाना ही,तर जाना हैं
सम्पूर्ण प्रेम,राम कृष्ण को भी कहाँ मिल पाया हैं।

4 thoughts on “प्रेम सदा अधूरा”

Add yours

Leave a Reply

Blog at WordPress.com.

Up ↑