अनकही बातें

ज्यों ज्यों जिंदगी बढ़ रही
अकेलेपन को समझ रही
त्यों त्यों बहुत सी अनकही
अपनी अपनी ही कह रही।

कुछ बातें जो नुक्कड़ पर छोड़ी
कुछ बड़ी खूबसूरती से थी मोड़ी
अब सभी आवाज देकर बुलाती
आज भी वो उसी जगह थी ठहरी।
https://ae-pal.com/
अंधेरा और अकेलापन इन्हें खूब भाता
अनकहे किस्सों का डेरा जम ही जाता
वो लम्हा ,सुकून का पल दे कर
अनकहा संतुष्ट सा फिर नजर आता।

कभी महफ़िलों के बेहद शोर में 
कह दिए गर ये अनकहे किस्से
रूठ कर दूर बैठ जाते हैं ये हमसे
जैसे पराए हो गए हों अब किस्से।
https://ae-pal.com/
अनकहा कभी कभी चुभता है दिल में
एक मुलाकात का फासला रहता है दिल में
हो मुलाकात और कह दे सब अनकही बाते
ठिठक कर घर कर गई है जो मन में।
अपर्णा शर्मा
March 20th,2026

2 thoughts on “अनकही बातें

Add yours

Leave a comment

Blog at WordPress.com.

Up ↑