दो पंक्ति

जिद, वहीं अड़ी रही और उसी जगह पर खड़ी रही।
https://ae-pal.com/
आदतें लड़ी नहीं, बदलती रही और आगे बढ़ती रही।
अपर्णा शर्मा
March10th,26

Leave a comment

Blog at WordPress.com.

Up ↑