बापू और चरखा

चरखा संग्रहालय में यूँही जाना हो गया
जब वहाँ बैठे तो सुकून सा आ गया।
भांति भांति के चरखे, वहाँ सजे थे
विगत युग की वो गाथा कह रहे थे।
https://ae-pal.com/
स्वदेशीकरण के बीज़ बो कर स्वावलंबन सिखाया
विदेशी चुंगल से फिर देश को बाहर निकाला।
गांधी जी ने देश को अचूक हथियार दे दिया
जिससे देश आत्मनिर्भरता की दिशा में चल दिया।
https://ae-pal.com/
आज इत्तफाक से 30 जनवरी का ही दिन है
आज ही बापू की पुण्यतिथि का दिन है।
बापू आपको नमन , बारंबार नमन
विश्व में दी हमारी पहचान को नमन।
अपर्णा शर्मा
(Jan. 30th,2026), Jan.31st,26

2 thoughts on “बापू और चरखा

Add yours

Leave a reply to Anonymous Cancel reply

Blog at WordPress.com.

Up ↑