विनम्रता झुकना सिखाती है।

शैशवावस्था में रोपित गुण का बीज़
अनुकूलन मिलते ही होता अवश्य अंकुरित
समय और मौसम के ये सभी परिवर्तन
निश्चित काल समय में होते निश्चित पल्लवित।
https://ae-pal.com/
ऐसे ही विनम्रता सद्गुण वृक्ष का बीज़ आधार
अवगुणों से सदा दूर करें जो बारम्बार
विनम्र वृक्ष का झुकना ही रहा सदा परिणाम
अहंकार छोड़,सब समान है की करता मनुहार।

विनम्रता का परिवर्तन बनता जाता वट समान
हर इच्छित को मिलता विकलता से तुरत निर्वाण
झुकना स्वभाव में जब आता,आते गुण निकट
गुणी को सर्वगुणी बना हरता सभी कपट।
https://ae-pal.com/
विनम्रता सदा रहा मानव का श्रेष्ठ गुण
संदेह नहीं, दूर करे ये सारे ही अवगुण
अति झुको पर,इतना सा सदा रहे विचार
याचक से दृष्टित न हो विनम्रता के आचार।
अपर्णा शर्मा
26 May 23

Leave a Reply

Blog at WordPress.com.

Up ↑