जिंदगी की टेढ़ी मेड़ी डगर में
मसले हर दौर के हर शहर में
झुकने को बहुत मजबूर करते
जिंदादिली से खड़े हर पहर में.
https://ae-pal.com/
दुख के बादलों से जब घिरे
बिजली कहर सी जब गिरे
जमीन आसमाँ का क्षितिज
बस दूर से ही मिलन सा लगे.
ठहरी सी जिंदगी में जब
कोई थाह ना दूर तलक
बर्फ सी जमी हर सोच पर
दीर्घ होती रात हर रात तक.
https://ae-pal.com/
चेहरे पर मुस्कान सजाए
दिन इस झूठ पर बिताए
जब कोई समाधान न दिखे
चिंता में रात आग सी जले
अपर्णा शर्मा
5,May 23

अच्छा लिखा।
LikeLiked by 1 person
Thank you 😊
LikeLiked by 1 person
thanks
LikeLike
Thank you
LikeLike