विचारों की दुनिया

विचारों का आना जाना जीवन का प्रवाह बतलाता है
कभी स्नेह भाव से, कभी घृणा से परिचय कराता है।

माना विचारों की सात्विकता संजोए रखना सबकी बात नहीं
पर सद्विचार से पूर्ण गुणीजन का सानिध्य पाना कठिन भी नहीं।

https://ae-pal.com

विचारों की सकारात्मकता व्यक्तित्व निखारती है
जिधर से निकलो मीठी सुगंध बिखेर जाती है।

जब ऐसे ही मनसागर में भावों की लहरें उठती है
शब्दों का आकार ले,तब अपनी विचारों की दुनिया बसती है।

4 thoughts on “विचारों की दुनिया

Add yours

Leave a reply to gaursamarth Cancel reply

Blog at WordPress.com.

Up ↑