दो पंक्ति

नफा, नुकसान से अलहदा
धीमे से दस्तक दे गई वफ़ा।
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हो गई , बस अब हो ही गई
अब इसका क्या फलसफा।
अपर्णा शर्मा
June 23rd,2026

दो पंक्ति

किसी को प्यार, मोहब्बत, इश्क, प्रेम हुआ तो क्यूं जाने।
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मिलन,विरह,से परे आसक्ति तक प्रेम हुआ तो माने।
अपर्णा शर्मा
June16th,2026

दो पंक्ति

इंतजार की घड़ी से जार जार होकर
आँखे थक गई कब से बेजार होकर
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खुद_ब-खुद जब ख्वाबों से हुई गुफ़्तगू 
पलकें झुक गई ख्वाब को सच समझ कर।
अपर्णा शर्मा
June 10th,2026

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