जीवन है धागे सा जो तकली सा खूब नाच नचाए
साँस के तानेबाने से जीवन हर पल बुनता जाए।
अपर्णा शर्मा
30th May 23
जीवन है धागे सा जो तकली सा खूब नाच नचाए
साँस के तानेबाने से जीवन हर पल बुनता जाए।
अपर्णा शर्मा
30th May 23
चाँद जब आसमाँ पर रोशनी बिखेरता है
ना जाने कितने रिश्तों में रंग बिखेर देता है।
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किसी का पुत्र,और प्रियतम बन इतराता है
कभी खुशी गम के किस्से सुन सिमट जाता है ।
अपर्णा शर्मा 23 May 23
रिश्तों की चादर पर मोहब्बत के बेल बूटों को काढ़ लिया करों ।
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ख़ुशहाल मुस्तकबिल के लिए यादों का बक्सा भर लिया करों ।
अपर्णा शर्मा
16th May 23