बारिश

दालान से बड़ी खुशगवार लगती ये बारिश,
प्रिय की याद सी बरसती, मुस्कुराए बारिश.

https://ae-pal.com/


बेमौसम गर खलिहान में बरस जाती ये बारिश,
माथे की शिकन, चिंता, दुश्वारी बढ़ाए बारिश.

समय

समय कहता मानव से सब तेरे कर्मों का है फल.

https://ae-pal.com/
शुभ,अशुभ कहता तू मुझे हर क्षण हर प्रतिपल.

Blog at WordPress.com.

Up ↑