गुलदस्ता

आजकल बहुत चलन में है फ़ूलों के गुलदस्ते।
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काश सजा लेते मुख पर मधुर शब्दों के गुलदस्ते।
अपर्णा शर्मा
July 7th,2026

सोच

दूर जाता हर शख्स सोचता रहा चला जाऊँगा बहुत दूर कि दुनिया बहुत बड़ी है।
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मिलने को आतुर वो नादां कहता रहा मिलेंगे ज़रुर कि दुनिया बहुत छोटी सी है।
अपर्णा शर्मा
June30th,2026

दो पंक्ति

नफा, नुकसान से अलहदा
धीमे से दस्तक दे गई वफ़ा।
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हो गई , बस अब हो ही गई
अब इसका क्या फलसफा।
अपर्णा शर्मा
June 23rd,2026

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