चरखा संग्रहालय में यूँही जाना हो गया
जब वहाँ बैठे तो सुकून सा आ गया।
भांति भांति के चरखे, वहाँ सजे थे
विगत युग की वो गाथा कह रहे थे।
https://ae-pal.com/
स्वदेशीकरण के बीज़ बो कर स्वावलंबन सिखाया
विदेशी चुंगल से फिर देश को बाहर निकाला।
गांधी जी ने देश को अचूक हथियार दे दिया
जिससे देश आत्मनिर्भरता की दिशा में चल दिया।
https://ae-pal.com/
आज इत्तफाक से 30 जनवरी का ही दिन है
आज ही बापू की पुण्यतिथि का दिन है।
बापू आपको नमन , बारंबार नमन
विश्व में दी हमारी पहचान को नमन।
अपर्णा शर्मा
(Jan. 30th,2026), Jan.31st,26
वादा
यूँ तो हाथ दोनों तरफ से ही बढ़े थे
निभाने के वादे भी दोनों ने गढ़े थे।
https://ae-pal.com/
अचानक हाथ छूटे और वो दूर हो गए
फिर भी एक दूजे के इंतजार में खड़े थे।
अपर्णा शर्मा
jan. 27th,2026
बसंत और प्रेम
हृदय में बसते हों तुम
नयनों में दिखते हो तुम
आँखों में छुपी है भेंट हमारी
साँसे कहती कब आओगे तुम।
https://ae-pal.com/
तुम बिन सूनी हुई सब बतिया
अब न भाती मुझको सखियाँ
मुझमें अब,तुम ही,तुम बसे हो
तुम तक सिमटी है मेरी दुनिया।
https://ae-pal.com/
आओ! मुझको गले लगाओ
विकट विरह को परे हटाओ
रस्ता तकती अब सूखी अखियां
सुप्त हृदय में प्रेम लौ जलाओ।
अपर्णा शर्मा
Jan.23rd,2026
