डर

यूँ तो,हर कदम पर, डर का बसेरा है
पर, डर-डर कर जीना भी क्या जीना है।
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सतर्क रहो,सदा ही,बजाय डरने के
इस तरह से ही अपने हर डर से जीतना है।
अपर्णा शर्मा
August 26th,25

सुख और दुख

सुख और दुख दोनों,जीवन के संगी है
संग में चलते है ऐसे,मानो ये संबंधी है।
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दुख में हँसना तो,जाने कब का सीख गए
पर सुख में आँसू आना, कितना अंतरंगी है।
अपर्णा शर्मा
August19th,25

श्वेत श्याम

श्वेत वर्ण सदा से, रखता जल सा स्वभाव
जिस वर्ण संग, मिला दो, होता उस समान।
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श्याम वर्ण सब जानते, है वो श्याम (कृष्ण) सा
अपने रंग में, रंग कर, देता नई पहचान।
अपर्णा शर्मा
August12th,25

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