एक मुलाकात

निकले थे,शिकायतों का बोझ लेकर
वो क्या ही मुस्कुराए कि
शिकायतें गुम थी उस मुस्कान पर।
https://ae-pal.com/
निकले थे,मुलाकात को आखिर करने
पर शुरु हुई मुलाक़ातों की सिलसिलेवारी.
फ़िदा हुए थे उन पर इस कदर।
https://ae-pal.com/
निकले थे,एहसासों के समंदर में डूबते, तैरते
जब बात हुई यथार्थ भरे आगत की
कल्पनाएं पा गई थी तत्क्षण आकार।
अपर्णा शर्मा
Oct.16th,2026

Blog at WordPress.com.

Up ↑