दो पंक्ति

अंगारों पर बैठी दुनिया,एक दूजे को कमतर आंक रही।
https://ae-pal.com/
क्रूर होती दुनिया,अब मानवता को धिक्कार रही।
अपर्णा शर्मा
March 3rd,2026

परिधान और रिश्ते

कच्चे सूत से बने वस्त्रों को पहन कर खद्दर से मजबूत होते थे रिश्ते
खूब झटक,पटक के बाद भी उम्र भर निभाए जाते थे रिश्ते।
https://ae-pal.com/
जब से आया है नाजुक और कोमल रेशमी परिधानों का ज़माना
तब से विशेष रखरखाव के बाद भी, धीरे-धीरे दरक रहे हैं रिश्ते।
अपर्णा शर्मा
Feb.3rd,2026

Blog at WordPress.com.

Up ↑