इज़हार जब शब्द मौन हो जाए, तब आँखें बात करती है। https://ae-pal.com सुप्त पड़ी सम्वेदना का , खुलकर इज़हार करती है। Share this:TweetLike Loading... 22nd November 2022 8
दस्तक फिर दिल के दरवाज़े पर दस्तक दी है ख़्वाबों ने हक़ीक़त को आवाज़ दी है। https://ae-pal.com खुले रास्ते अब बढ़ते जाना सिखा रहे हैं हम भी मंज़िल से बेफिक्र, चले जा रहे हैं। (अपर्णा शर्मा) Share this:TweetLike Loading... 15th November 2022 13
काश जब गम बढ़ जाए, आँखे नम हो जाए, काश, तभी चुपके से बारिश हो जाए। https://ae-pal.com न गम दिखे, न आँखे नम दिखे, जिसे दिखे बारिश और बारिश दिखे। अपर्णा शर्मा(Nov.8th,22) Share this:TweetLike Loading... 8th November 2022 6