विश्वास को नहीं पता अंतिम पल तक
https://ae-pal.com/
कैसे कपट हुआ,छला गया हर क्षण तक।
विश्वास को नहीं पता अंतिम पल तक
https://ae-pal.com/
कैसे कपट हुआ,छला गया हर क्षण तक।
जिंदगी के दिए में उम्र बाती सी जल रही
शुक्र है कि उम्मीद की लौ में वो तर रही.
https://ae-pal.com/
कभी मंद कभी तीव्र सी रोशनी बिखेर रही
खुशी और ग़म दोनों में हौंसला सीखा रही.
हमें खुद को नहीं पता कि हम क्या हैं?
और उसने हमारा पूरा किरदार गढ़ दिया।
अचरज कैसा ? आप भी बाहर आइए
देखिए! आप पर कितना कुछ लिख दिया।