दो पंक्ति

किसी को प्यार, मोहब्बत, इश्क, प्रेम हुआ तो क्यूं जाने।
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मिलन,विरह,से परे आसक्ति तक प्रेम हुआ तो माने।
अपर्णा शर्मा
June16th,2026

दो पंक्ति

जब कि युद्ध का अंत, वार्तालाप में ही है।
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तब भी वार्तालाप से पहले,युद्ध ही है।
अपर्णा शर्मा
April8th,2026

दो पंक्ति

श्रेष्ठ दिखने की चाह में सरलता खोती रही
सरलता के साथ ही,सत्यता भी धुँधलाती रही।
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इस प्रचलन पर सवाल सा उठता है बहुधा
श्रेष्ठता के बोझ तले मनुष्यता ही अब खो रही।  अपर्णाशर्मा March 31st

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