धुएँ के राज

गंध और सुगंध धुएँ का कारण बता देते हैं
गलती हुई या हवन सब राज खोल देते हैं।
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काश अंतर्मन में उठे धुएं को कोई पहचान लेता
जान ले कोई,कि कितनी आग में मन जले होते हैं।
अपर्णा शर्मा
June25th,24

निरर्थक

जीवन कुम्भ की बूंद-बूंद को
जिसने घर को समर्पित कर दिया
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कैसे, क्यूं, कब हुआ वो निरर्थक ?
जिसने हरेक को समर्थ बना दिया।
अपर्णा शर्मा
June 18th,24

ज़माना

गर कोई दीवार सा हो जाए, जो सभी को समझे ,ज़माना उसे सुना जाए
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वो सुने सभी की,ना कुछ कहे, नया चरित्र भी उसी का गढ़ जाए.
अपर्णा शर्मा  june11th,24

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