आकांक्षाएं

आकांक्षाएं सदा से, संसार में ,अनन्तिम ही मिली 
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एक पूर्ण होते ही, दूजी,अविलंब मुस्कुराती मिली।
अपर्णा शर्मा
Oct.8th,24

बातें

बातें भूल जाते हैं,पर यादें, संग में जीती रहती है
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बातें भूलना ही अच्छा, जो जीना मुश्किल करती हैं।
अपर्णा शर्मा
Oct.1st,24

वो रिश्तें

कभी रेल की पटरियों से,संग-संग चले थे जो रिश्तें
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मंज़िल से पहले ही, पटरियां बदल गए हैं वो रिश्तें।
अपर्णा शर्मा
Sept.24th,24

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