आसान नहीं, पहाड़ सी शख्सियत रखना
https://ae-pal.com/
कभी बर्फ सा जमना,कभी आग सा तपना।
अपर्णा शर्मा
Feb. 18th,25
अनुराग
फ़ूलों के महकने से,भौरों के गुंजन से
जाग गई दिलों में,अधूरी कहानी यक से।
https://ae-pal.com/
बौराए अमराई की महक से, सरसों के फूल से
प्रेम के अनुरागी, डूबे हैं फिर उसी अनुराग में।
अपर्णा शर्मा
Feb.11th,25
मन का बटुआ
सरलता इतनी रख,कि सब अपने हो जाए
https://ae-pal.com/
स्पष्टता इतनी रख, कि पराए दूर हो जाए।
अपर्णा शर्मा
Feb.4th,25
