पिंजरा

अपनी खुशी के लिए किसी को बाध्य करना
जैसे उस को अपने पिंजरे में कैद करना.
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हर हाल में सभी की खुशियो का ख्याल करना
ऐसा ही है,जैसे खुद के लिए पिंजरा तैयार करना.
अपर्णा शर्मा
Oct.3rd,23

मन

है मन बावरा
मन बेचैन
तन में मन की
गहरी पैठ।
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कभी ज़मी पर
कभी फुनगी बैठे
किनारे तकता
मझधार में नाचे।

मन ही मन का मीत
बतियाए दिन और रैना
हर टेढ़े सवालों का
जवाब देता हरदम पैना।
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ख्वाबों में तैरे मन
दूर दूर तक सैर करे
यहीं मेरा एक मनमीत
जो चेहरे पर मुस्कान धरे।
अपर्णा शर्मा
Sept.29th,23

सिरफिरा

छला गया बार बार, यकीनन हर बार
कोई रिश्ता रहा हो या रहा कोई जानकार।
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गाहे-बगाहे,जब भी जरूरत आन पड़ी
सिरफिरा सा खड़ा, हथेली पे जान ले हर हाल।
अपर्णा शर्मा
Sept.26th,23

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