जरुरी तो नहीं

बादलों के घिरने से,बारिश हो,जरुरी तो नहीं
मैं जो चाहूँ ,वहीं बात हो,जरुरी तो नहीं.
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वो सच हो जाए,जो मैंने कभी सोचा ही नहीं
इश्क में कोई मुलाकात हो,जरुरी तो नहीं.
अपर्णा शर्मा
Sept.1st,2026

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