रिश्तों की चादर पर मोहब्बत के बेल बूटों को काढ़ लिया करों ।
https://ae-pal.com/
ख़ुशहाल मुस्तकबिल के लिए यादों का बक्सा भर लिया करों ।
अपर्णा शर्मा
16th May 23
रिश्तों की चादर पर मोहब्बत के बेल बूटों को काढ़ लिया करों ।
https://ae-pal.com/
ख़ुशहाल मुस्तकबिल के लिए यादों का बक्सा भर लिया करों ।
अपर्णा शर्मा
16th May 23
बालपन के कोमल हृदय पटल पर, नित इक स्वप्न उपजता है.
निश्चल उम्र की लघु बुद्धि में,स्वप्न का रेखाचित्र उभरता है.
धुंधले से उस रेखाचित्र को, माँ रोज नए रंग दे जाती है.
संतान रंगरूपी दिशा निर्देश से, उसमें चित्रण करती जाती है.
https://ae-pal.com/
स्वप्न का अस्पष्ट सा खाँचा निश्चय ही पूरा हो जाता है
जब माँ का संग निश्चित ही, हरपल, हरदम रहता है.
एक दिन ऐसा आता है जीवन में,रेखाचित्र पूरा हो जाता है .
स्वप्न का कल्पित चित्रण वर्तमान में, खिलता,फलता जाता है.
https://ae-pal.com/
जब माँ बालक के सपने को स्वयं भी आत्मसात कर लेती है.
ऐसी माँ की संतान सदा ही जीवन में उच्च लक्ष्य पा जाती है.
अपर्णा शर्मा
14.5.23
(मदर्स डे पर )
जब अंतस तक गहराता तम,वाह्य परिवेश में छा जाए.
चहुँ ओर विषाद से घिरा मन,अस्तित्व को लील जाए.
आस बंधा कर,अपने मार्ग के अवरोधों को दुनिया गिनाए.
भीतर-भीतर दुनिया के ये कथ्य,अस्तित्व पर भीतरघात कर जाए.
https://ae-pal.com/
डूबे से अंतःकरण में, जब पुकार उठे स्वयं के नाम की.
दूर एकांत में जरूर सुनो,तब बात अपने मान-सम्मान की.
स्वयं से वार्ता, चिंता सब हर कर, चिंता धुंधली कर देती है.
चित्त में विश्वास की,ढीली होती जड़ों को,फिर से कस देती है.
https://ae-pal.com/
तब विश्वास से भर कर, दुनिया की नए सिरे से परिगणना होती है.
अवरोधित जीवन यात्रा में,नए मार्ग की नई शुरुआत होती है.
अपर्णा शर्मा 12.5 23