संतुष्टि

जैसे कहे जिंदगी वैसे ही जिए जा रहे हैं सभी
वैसी नहीं है जिंदगी तो ऐसे ही जिए जा रहे सभी।
https://ae-pal.com/
क्यारियों में पौधे उगा कर,जो आनंद ले रहे थे कभी
वहीं गमलों में, प्रकृति को समेट कर,संतुष्ट हैं अभी।
अपर्णा शर्मा
Nov. 4th,2025

रोक लो आँसू

ये ढुलकते आँसू ,बेकार न हो आँसू
मन की पीड़ा को,हल्का करे ये आँसू

खुशियों में चार चाँद लगा,इतराते आँसू
दिल के एहसास बया कर ,बतियाते आँसू।
https://ae-pal.com/
पानी नहीं, ये अनमोल मोती है सच्चे
अर्थ ग़र समझे, हरपल के साथी है अच्छे।

व्यर्थ न बहाना, कुछ बचालो आँसू
कौन समझेगा यहाँ, रोक लो आँसू।
अपर्णा शर्मा
Oct. 31st,25

आँसू

आँसू भी रखते हैं,अपने और पराए की, बारीकी से परख।
https://ae-pal.com/
कहाँ रुकना है और कहाँ बह जाना है, तोड़ कर हर बाँध।
अपर्णा शर्मा
Oct.28th,25

Blog at WordPress.com.

Up ↑