तकदीर की लकीरें

यूँ तो लकीर के फकीर होना बिल्कुल सही नहीं
और ज़माने ने सिखाया लकीर पीटना भी ठीक नहीं ।
https://ae-pal.com/
गर बदलनी हो, किसी को,अपनी तक़दीर की लकीरें
पानी सी कर जिंदगी, जिसमें खिंचती कोई लकीर नहीं।
अपर्णा शर्मा
Jan.9th,24

लकीरें

मैं बहता नीर
कहते फकीर
एक दम फक्कड़
जानू न लकीर।

रोंद दिए रास्ते
तोड़े झूठे वास्ते
नए मार्ग पर
चले हँसते हँसाते
https://ae-pal.com/
लकीर पड़ी रही
ठोकरे खा रही
क्षीर सी जिंदगी
लुत्फ उठा रही।

जो लकीर से बंधे
हाल फकीर से कसे
अक्ल पर पत्थर डाल
वहीं पत्थर घिस रहे।
https://ae-pal.com/
उठो! अपने को पहचानो
अपनी शक्ति को आजमालो
अंतरंगी सी इन लकीरों में
सुनहरी तकदीर सजालो।
अपर्णा शर्मा
Jan.5th,24

कैलेंडर

कुछ ख्वाहिशें,जो ख्वाब थी ,बन गई
उस ख्वाब को अब फिर हौसला दे गई
https://ae-pal.com/
बारह मास के इस तारीख-ए-गुच्छ में
उम्मीद की रोशनी फिर दीदार दे गई.
अपर्णा शर्मा
Jan.2nd,24

Blog at WordPress.com.

Up ↑