हिम्मत न हारना

मनुष्य जीवन पाया है तो मुश्किलों का आगमन लगा रहेगा
पर हर मुश्किल को पछाड़ मनुष्य कभी भी हिम्मत न हारना।

पहाड़ जैसे दुःख से जब जीवन लगे डरावना
पहाड़ से जैसे ही अडिग होकर हर कष्ट को हराना।
https://ae-pal.com/
जब कभी जीवन में दिशाहीन सा उदेश्य हो जाए
नदी के जैसे आगे बढ़ कर समुद सा लक्ष्य पा जाना।

पतझड़ सा उदासी भरा मन जब जीवन निर्जनता दे जाए
तब नई कोपलों का इंतजार वृक्षो सा,मानव तुम करना।
https://ae-pal.com/
कड़वाहट सी इस दुनिया में जब रिश्ते खारे हो जाए
रिश्तो को अपने में समा कर समुद्र सा खारापन पी जाना

तेज धूप सा जीवन में जब मान से तुमको सम्मान मिले
तब परछाई की भाँति तुम जमीन से जुड़ कर जी जाना।
https://ae-pal.com/
इस सबसे यहीं है जाना, प्रकृति के नजदीक तू हरदम रहना
फिर कैसा भी समय आए जीवन में, तू कभी न हिम्मत हारना।
अपर्णा शर्मा
May17th,24

संस्कार

पहली पीढ़ी से ले कर अमूल्य संस्कार
दूजी ने तीजी पीढ़ी को दिए अशुद्ध आचरण
https://ae-pal.com/
जो सच्चे संवाहक न बने संस्कारों के
वृद्धावस्था में दिखेगा अंधकार ही अंधकार.
अपर्णा शर्मा
May14th,24

माँ*

जब जब तीव्र होता बालक का दर्द
तड़पती माँ और चेहरा हो जाता जर्द
ढाढस दे फ़र्द अपने को बढ़ाती हौसले को
बेबस है लाचार नहीं, झाड़ती जिंदगी के हर गर्द।
https://ae-pal.com/
माँ और बालक का होता निराला ही संसार
जहाँ हर वक़्त होता प्रेम का अद्भुत संचार
इक दूजे के सपनों के,माँ बालक होते पूरक
मिलता जहाँ बालक के जीवन को आकार।

लेकिन जब कभी बालक तकलीफ़ में आता
माँ का रोम रोम बालक के लिए हर पल रोता
अचूक दवा, अचूक इलाज का करती वो प्रयास
सब तकलीफें उसकी हो, मन हुमायूं सा होता।
https://ae-pal.com/
हर मर्ज की दवा माँ के पोरों में  रहती
माना, कभी-कभी वह बेहद बेबस भी होती
हर दुविधा का हल वो भरसक खोजे
बेबस है माँ,पर कभी कमजोर ना होती।
अपर्णा शर्मा
May 12th,24

Mother’s day

Blog at WordPress.com.

Up ↑