गोद में चूम कर,वालदेन ने बच्चे को,दुनिया में आगाज कराया.
फिर प्यार, मोहब्बत और रोक टोक से दुनिया का अंदाज़ बताया.
कभी मुगालते में न रहना, कि ज़िंदगी फूलों से खिली खुशनुमा सहर है.
हमारे दिल -ए -अजीज ये ज़िंदगी एक इम्तिहानों का सफर हैं.
गोद में चूम कर,वालदेन ने बच्चे को,दुनिया में आगाज कराया.
फिर प्यार, मोहब्बत और रोक टोक से दुनिया का अंदाज़ बताया.
कभी मुगालते में न रहना, कि ज़िंदगी फूलों से खिली खुशनुमा सहर है.
हमारे दिल -ए -अजीज ये ज़िंदगी एक इम्तिहानों का सफर हैं.
चार सलाई बुनकर दो सलाई उधड़ती जा रही है ज़िंदगी।
ऐ ज़िंदगी! लिहाज़ कर, संवर जा, छोड़ दे ये दिल्लगी।
जब-जब मोह हुआ माया से,
तिलिस्म का संसार खड़ा हुआ।
जब-जब भान हुआ सच का,
तिलिस्म तो ताश का महल हुआ।