तरीका

किसी ने कब चाह,कि हंगामा खड़ा हो
मकसद शायद अपनी बात कहने का हो
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गर बात करने और रखने का तरीका न आए
तो मुमकिन है कि हर बात पर हंगामा खड़ा हो।
अपर्णा शर्मा
Aug.13th,24

अनकही

कर अधिकांशत लगता देश हेतु योगदान
जो करदाताओं में भरता उच्च स्वाभिमान।
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पर जब कभी, हद से ज्यादा मन मारना पड़ जाए
तब उन्हीं करदाताओं को, सजा जैसा देता भान
अपर्णा शर्मा
Aug.6th,24

किस से कहें?

मन की बातें ,कहने का तो, मन खूब ही करता है
फिर अपना विश्लेषण,हो जाने से भी मन डरता है।
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सरल हृदय से, जिसने जब अपना हाल सुनाया 
सुनने वाला ही अक्सर,सुनकर जग हँसाई करता है।

अपर्णा शर्मा July 30th,24

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