इनाम

वो जो धीर, गंभीर सी शख्सियत देखते हो
आज जिसे, सिर्फ सलाम,दुआ से पहचानते हो
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कभी वो भी,हर महफिल को गुलजार करता था
शायद समझदारी का तमगा उसे इनाम मिला हो।
अपर्णा शर्मा
Nov.5th,24

कूपमंडूक

संतोष धन सबसे बड़ा, सुनकर मिले अथाह सुकून
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जिसने इस पर अमल किया, कहलाया कूप मंडूक।
अपर्णा शर्मा
Oct. 29th,24

श्रृंगार

काया को, पूर्ण श्रृंगारित करने से
आभूषणों द्वारा,अलंकृत करने से ।
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ओढ़ कर फिर, मुस्कान अधरों पर
कब छिपी है पीड़ा, इन मिथ्याओं से ।
अपर्णा शर्मा
Oct.22nd,24

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